आधार कार्ड को और अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में एक नई मांग सामने आई है। एनसीपी नेता दीपक मानकर ने केंद्र सरकार से आधार कार्ड में ब्लड ग्रुप की जानकारी जोड़ने की अपील की है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और स्वास्थ्य मंत्रालय को औपचारिक पत्र लिखा है।

 किसने और क्यों उठाई यह मांग?

दीपक मानकर ने अपने पत्र में कहा कि आधार कार्ड देश के हर नागरिक की पहचान का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुका है। ऐसे में अगर इस कार्ड पर ब्लड ग्रुप की जानकारी भी जुड़ जाए, तो आपातकालीन स्थितियों में लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने हाल ही में हुए अहमदाबाद प्लेन क्रैश और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे हादसों के दौरान अक्सर ब्लड की जरूरत होती है, और अगर पीड़ितों का ब्लड ग्रुप तत्काल उपलब्ध हो, तो रेस्क्यू और इलाज की प्रक्रिया तेज हो सकती है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लड ग्रुप की जानकारी कार्ड पर होना उपयोगी जरूर हो सकता है, लेकिन इससे पहले डेटा गोपनीयता और गलत जानकारी जैसी समस्याओं पर विचार करना जरूरी होगा। कुछ लोगों का कहना है कि अगर ब्लड ग्रुप की जानकारी गलत दर्ज हो जाए, तो यह खतरनाक साबित हो सकती है।

 वर्तमान में क्या है आधार कार्ड में?

अभी आधार कार्ड में नाम, जन्मतिथि, लिंग, पता और बायोमेट्रिक डाटा होता है। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी इसमें शामिल नहीं की गई है। हालांकि ABHA (Ayushman Bharat Health Account) जैसे स्वास्थ्य पहचान पत्र के माध्यम से सरकार नागरिकों की हेल्थ हिस्ट्री को डिजिटल रूप में संजोने की दिशा में काम कर रही है। एनसीपी नेता की यह मांग एक सार्वजनिक सुरक्षा और आपातकालीन तैयारी से जुड़ी अहम पहल है। हालांकि ब्लड ग्रुप को आधार कार्ड से जोड़ने के लिए तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार इस सुझाव को नीति स्तर पर अपनाने का कोई कदम उठाती है या नहीं।

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