1986 में आई थी फिल्म ‘नसीब अपना-अपना’, जो भले ही उस वक्त बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाई, लेकिन टीवी पर इसे आज भी बड़ी संख्या में दर्शक देखना पसंद करते हैं। फिल्म में ऋषि कपूर के साथ अमरीश पुरी जैसे दमदार कलाकार थे, लेकिन एक किरदार जिसने सबका दिल जीत लिया था—वह थी ‘चंदो’।

सावली रंगत, मासूम चेहरा और टेढ़ी-चोटी में बंधे बालों वाली चंदो ने दर्शकों के दिल में खास जगह बनाई। इस किरदार को निभाया था दक्षिण भारतीय अभिनेत्री राधिका सारथकुमार ने।
अब कहां हैं ‘चंदो’ यानी राधिका सारथकुमार?
39 साल बाद, चंदो अब सिर्फ एक किरदार नहीं, बल्कि एक सफल अभिनेत्री, टीवी निर्माता और राजनेता बन चुकी हैं। राधिका सारथकुमार ने हिंदी फिल्मों के बजाय दक्षिण भारतीय सिनेमा और टेलीविजन में अपनी मजबूत पकड़ बनाई।
फिल्मों और टीवी की दुनिया में सक्रिय
- राधिका ने तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों में शानदार अभिनय किया।
- उन्होंने Chithi, Annamalai, Selvi जैसे कई चर्चित टीवी सीरियल्स में काम किया और कई शो खुद प्रोड्यूस भी किए।
उनकी प्रोडक्शन कंपनी Radaan Mediaworks दक्षिण भारत की सबसे सफल टीवी प्रोडक्शन हाउसेज़ में से एक मानी जाती है।
हालिया स्वास्थ्य और वापसी
2025 की शुरुआत में एक शूट के दौरान उन्हें घुटने में गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद उन्होंने सर्जरी करवाई और सोशल मीडिया पर अपने स्वास्थ्य अपडेट भी साझा किए।
राजनीति में भी बनी पहचान
राधिका राजनीति में भी हाथ आजमा चुकी हैं। वे पहले AIADMK, फिर AISMK में रहीं और 2024 में भाजपा से लोकसभा चुनाव लड़ीं। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिल सकी, लेकिन वे तीसरे नंबर पर रहीं।राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ वे सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी हैं।
आने वाले प्रोजेक्ट्स
- राधिका जल्द ही तमिल फिल्म ‘Revolver Rita’ में नजर आएंगी।
- साथ ही ZEE5 पर उनकी वेब सीरीज Thalaimai Seyalagam भी हाल ही में रिलीज़ हुई है, जिसे काफी सराहा गया।
सोशल मीडिया पर एक्टिव
राधिका इंस्टाग्राम और ट्विटर पर सक्रिय हैं, जहां वे अपने नए प्रोजेक्ट्स, जीवनशैली और सामाजिक विषयों पर नियमित रूप से पोस्ट करती हैं।
ऋषि कपूर की ‘चंदो’ अब फिल्मों की मासूम नायिका नहीं रही, बल्कि एक प्रभावशाली महिला व्यक्तित्व बन चुकी हैं। अभिनय, निर्माण और राजनीति—हर क्षेत्र में उन्होंने खुद को साबित किया है। उनकी कहानी बताती है कि एक किरदार से पहचान मिलती है, लेकिन असली सफलता तब होती है जब इंसान समय के साथ खुद को निखारे और आगे बढ़े।






























