होर्मुज विवाद के बीच ट्रंप की चेतावनी, इस्लामाबाद में US-ईरान टकराव पर निर्णायक वार्ता

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देश विदेश: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज अहम शांति वार्ता होने जा रही है। ईरान ने साफ कर दिया है कि औपचारिक बातचीत तभी आगे बढ़ेगी, जब अमेरिका उसकी पूर्व शर्तों को स्वीकार करेगा। दोनों देशों के बीच बातचीत सफल हो पाएगी या नहीं, दुनिया की नजर इस पर टिकी है।

इस बातचीत से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान के पास सीमित विकल्प हैं और वह केवल बातचीत के जरिए ही आगे बढ़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए दुनिया पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान वैश्विक समुद्री मार्गों का इस्तेमाल कर अन्य देशों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन, यह रणनीति ज्यादा समय तक नहीं चलेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के लिए कदम उठा सकता है, चाहे ईरान की सहमति हो या नहीं।

इस बीच, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपनी टीम के साथ वार्ता में शामिल होने के लिए इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर यह शांति वार्ता सफल नहीं होती है, तो ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू की जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी युद्धपोत पूरी तरह तैयार हैं।

ट्रंप ने ईरान पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि वह एक ओर परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने की बात करता है। वहीं, दूसरी ओर यूरेनियम संवर्धन जारी रखने के संकेत देता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान सैन्य टकराव से ज्यादा प्रचार और जनसंपर्क पर ध्यान देता है।

इधर, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा किया है। गालिबाफ ने एक फ्लाइट के अंदर की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की, जिसमें उन बच्चों को याद किया गया है, जो 28 फरवरी को हुए हमले में मारे गए थे।

यह हमला मीनाब शहर के एक स्कूल पर हुआ था, जिसमें 160 से अधिक बच्चियों की जान चली गई थी। गालिबाफ ने जो तस्वीर शेयर की हैस उसमें फ्लाइट की सीटों पर बच्चों की तस्वीरें, उनके स्कूल बैग और जूते रखे गए हैं।

कई बैग और जूतों पर खून के निशान दिखाई दे रहे हैं, जो इस त्रासदी की भयावहता को बयां करते हैं। हर सीट पर एक फूल भी रखा गया है। तस्वीर में गालिबाफ खामोशी से इन सामानों को निहारते नजर आते हैं। उन्होंने इस पोस्ट के साथ कैप्शन लिखा है कि मेरे इस सफर के साथी।

 

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