रांची। मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड ने एक बार फिर स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 के परिणामों में झारखंड के जमशेदपुर को 3-10 लाख की आबादी वाले शहरों में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि बुंडू को राज्य का “प्रॉमिसिंग स्वच्छ शहर” घोषित किया गया है।

गुरुवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में स्वच्छता सर्वेक्षण के परिणाम जारी किए गए। इस मौके पर केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, और विभागीय सचिव श्रीनिवास कटिकिथला ने झारखंड सरकार, नगर विकास विभाग तथा विशेष रूप से जमशेदपुर और बुंडू के नागरिकों को बधाई दी।
प्रमुख उपलब्धियां:
- जमशेदपुर को 3-10 लाख की आबादी वाले स्वच्छ शहरों में तीसरा स्थान
- बुंडू को झारखंड का “प्रॉमिसिंग स्वच्छ शहर” घोषित
- जमशेदपुर को 5 स्टार रेटिंग और वॉटर प्लस शहर का दर्जा
- देवघर, जुगसलाई, चाकुलिया को वन स्टार रेटिंग
- बुंडू, चिरकुंडा, राजमहल, साहेबगंज और देवघर को ODF++ श्रेणी में शामिल
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में स्वच्छता का अभियान
पिछले वर्षों की तुलना में झारखंड ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2016 से अब तक निरंतर प्रगति की है। 2017 से 2023 तक के सर्वेक्षणों में भी राज्य ने कई श्रेणियों में सम्मान प्राप्त किए हैं। इस वर्ष की सफलता के पीछे मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन का कुशल नेतृत्व, विभागीय मंत्री श्री सुदिव्य कुमार का मार्गदर्शन और सफाईकर्मियों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता बताई जा रही है। नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार ने कहा— “यह सफलता माननीय मुख्यमंत्री और मंत्री महोदय के नेतृत्व, नगर निकायों की मेहनत और नागरिकों के सहयोग का परिणाम है। हम अगले सर्वेक्षण में और बेहतर प्रदर्शन की अपेक्षा रखते हैं।”
सम्मान प्राप्त करनेवाले प्रतिनिधि:
- इस राष्ट्रीय सम्मान कार्यक्रम में झारखंड की ओर से उपस्थित रहे:
- श्री सुनील कुमार – प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग
- श्री सूरज कुमार – निदेशक, राज्य शहरी विकास अभिकरण
- श्री कृष्ण कुमार – विशेष पदाधिकारी, जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति
- बुंडू नगर पंचायत के पदाधिकारीगण
झारखंड की यह उपलब्धि न सिर्फ राज्य की साफ-सफाई में हुई प्रगति को दर्शाती है, बल्कि एक प्रेरणा है कि संवेदनशील नेतृत्व, नागरिक भागीदारी और ठोस प्रयासों से स्वच्छता के लक्ष्य को पाया जा सकता है।

































