झारखंड: निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे की जमानत याचिका पर अब 13 अप्रैल को सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बी.वी. नागरथना और न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ में विनय चौबे की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान, विनय चौबे की ओर से दलील पेश करते हुए कहा गया कि तीन अभियुक्तों को जमानत दी जा चुकी है। सभी निजी व्यक्ति हैं। सिर्फ विनय चौबे ही जेल में हैं। उनकी ओर से निजी व्यक्तियों द्वारा लगाये गये आरोपों पर जवाब देने के लिए समय की मांग करते हुए 13 अप्रैल को सुनवाई की तिथि निर्धारित करने की अपील की गयी, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
गौरतलब है कि ACB ने 20 मई 2025 को तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे को गिरफ्तार किया था। उन पर यह आरोप लगाया गया था कि उन्होंने जानबूझ कर उत्पाद नीति 2022 के तहत मैन पावर सप्लाई करने वाली कंपनियों को फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर काम करने दिया।
इससे सरकार को आर्थिक नुक़सान हुआ। शराब घोटाले में गिरफ़्तार करने के बाद उनके ख़िलाफ़ और चार प्राथमिकी दर्ज की गयी। मई 2025 में अपनी गिरफ्तारी के बाद से वह जेल में हैं। विनय चौबे को शराब घोटाले में गिरफ्तार करने के बाद हजारीबाग में जमीन के दो मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी।
एक मामला खास महल जमीन और एक मामला वनभूमि में गड़बड़ी से संबंधित है। दोनों मामलों में विनय चौबे पर यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने उपायुक्त हजारीबाग के रूप में कार्यरत रहने के दौरान अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जमीन अपने करीबी लोगों के हवाले कर दी।
इसके बाद, विनय चौबे के खिलाफ ACB रांची में शराब घोटाले से संबंधित गड़बड़ी को आधार बनाकर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की। चौबे के खिलाफ पांचवी प्राथमिकी जगन्नाथपुर थाने में ठगी के आरोप में दर्ज की गयी। सभी मामलों में अभी जांच जारी है।
































