पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज सोमवार को दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में मूरीगंगा नदी पर बनने वाले 4. 75 किलोमीटर लंबे गंगा सागर सेतु का शिलान्यास किया। सीएम ने यहां कपिल मुनि मंदिर में पूजा-अर्चना की। भारत सेवाश्रम संघ के आश्रम का दौरा भी किया।
पुल निर्माण की लागत लगभग 1700 करोड़ रुपए बताई गयी है। राज्य सरकार ने दो वर्ष के अंदर पुल का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है। पुल का निर्माण एलएंडटी कंपनी कर रही है।
प्रशासन के अनुसार पुल बनने के बाद सागर द्वीप तक आवागमन और आसान हो जायेगा। मकर संक्रांति के दिन गंगासागर में पुण्यस्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं की मुश्किलें दूर हो जायेंगी।
बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले होने वाला इस बार का सीएम दौरा अहम माना जा रहा है। अहम बात यह है कि मुख्यमंत्री स्पष्ट कहा कि इस बार गंगासागर मेले में किसी भी तरह के वीआईपी कल्चर की अनुमति नहीं दी जायेगी।
उन्होंने कहा कि गंगासागर मेले में किसी भी तरह की वीआईपी पास, अलग रास्ता या विशेष सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जायेंगी। आम श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जायेगी।
मुख्यमंत्री दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मकर संक्रांति पर आयोजित होने वाले गंगासागर मेले तैयारियों की समीक्षा की।
राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, बिजली, सफाई, यातायात और अस्थायी आवास की व्यवस्था पर विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष पेश की।
बता दे कि, मकर संक्रांति पर हर साल सागर द्वीप में गंगासागर मेला लगता है। कपिल मुनि मंदिर गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्थित सागर द्वीप में है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु पुण्य स्नान करने आते हैं।



























