मिडिल ईस्ट तनाव में ईरान की अमेरिका को खुली धमकी

0
15

देश-विदेश: ईरानी नौसेना के कमांडर ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन (CVN-72) सहित अन्य युद्धपोत ईरान की मिसाइल रेंज में प्रवेश करेंगे, तो उसे हम निशाना बनायेंगे। चेतावनी के बाद, ईरानी सेना के जनसंपर्क विभाग ने दावा किया कि ईरानी क्रूज मिसाइलें अमेरिकी विमानवाहक पोत की दिशा में फायर की गयी हैं।

हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। मिसाइल दागे जाने की बात ऐसे समय में सामने आ रही है। जब ईरानी नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल शहराम ईरानी ने अमेरिका को सीधी चेतावनी दी है कि यूएसएस अब्राहम लिंकन पर उनकी नजर है। यदि, वह ईरानी क्षेत्र में आता है, तो उसे निशाना बनाया जायेगा।

ईरानी कमांडर के बयान से पूरे विश्व में हलचल मच गयी है क्योंकि अमेरिकी युद्धपोतों की होर्मुज जलडमरूमध्य पर नजर है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरानी एंटी-शिप मिसाइल साइटों को प्राथमिकता में रखा है।

जानकारों का कहना है कि मिडिल ईस्ट वार अब शायद निर्णायक मोड़ पर है। इस बात के संकेत मिल रहे हैं किअमेरिका ईरान में जमीन पर उतरने की सोच रहा है। पश्चिम एशिया में अमेरिकी सेना की गतिविधियां बढ़ गयी हैं।

खबर है कि, अमेरिका (पेंटागन) 82nd एयरबोर्न डिविजन के हजारों पैरादूपर्स को मिडिल ईस्ट में भेजना शुरू कर दिया है। एयरबोर्न के 2000-4000 सैनिक जल्द ही इलाके में पहुंच जायेंगे। इनमें USS Tripoli और USS Boxer (अम्फीबियस असॉल्ट शिप) पर तैनात मरीन्स शामिल हैं।

अमेरिका के एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप USS Abraham Lincoln और USS Gerald R. Ford भी फारस की खाड़ी में F-35 जेट्स, हेलीकॉप्टर और हजारों सैनिकों के साथ एक्शन मोड में हैं।

अमेरिकी सेना की इस गतिविधि पर ईरान की नजर है। ईरानी नौसेना के कमांडर का बयान इसी संदर्भ में है, ओमान की खाड़ी में ईरानी नौसेना के समक्ष आ रही चुनौतियों और अमेरिकी ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के बीच कमांडर का यह बयान आया है।

बता दें कि, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ईरानी एंटी-शिप मिसाइल साइट और पनडुब्बियां प्रमुख लक्ष्य हैंईरानी नौसेना (IRGCN) पर होर्मुज जलडमरूमध्य में तटीय रक्षा की जिम्मेवारी है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here