झारखंड: जाति प्रमाण पत्र को कंसीडर नहीं करने के मामले डॉ नूतन इंदवर सहित 22 याचिकाओं की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को हुई। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में मामले में जेएसएससी / जेपीएससी की ओर से पक्ष रखा गया. इसकी सुनवाई जारी रही। अगली सुनवाई 7 अप्रैल निर्धारित की है।
दरअसल, इस मामले को हाईकोर्ट की खंडपीठ अब मामले में तीन जजों की पूर्ण पीठ का तीन इश्यू फ्रेम पर फैसला आने के बाद सुनवाई कर रही है। जेएसएससी / जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने पक्ष रखा। प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता मनोज टंडन एवं अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने पैरवी की।
बता दें कि, यह विवाद जेएसएससी/ जेपीएससी द्वारा निकाले गए विज्ञापन के शर्त जिसमें जाति प्रमाण पत्र एक निर्धारित तिथि के भीतर जमा करने और एक खास फॉर्मेट में उसे जमा करने एवं कैंडिडेट जाति प्रमाण पत्र को कट ऑफ डेट के बाद जमा करने के बाद उनके कैंडीडेचर को रद्द करने और उन्हें आरक्षित वर्ग से सामान्य वर्ग में शिफ्ट करने से जुड़ा है।































