राजनीति: चुनाव आयोग ने आज बुधवार को चेतावनी जारी कर कहा है कि पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
अपने बयान में EC ने हाल के व्यवधानों के लिए सीधे टीएमसी को दोषी ठहराया करार देते हुए स्पष्ट किया कि कानून- व्यवस्था के किसी भी उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
बता दें कि, कल सीईओ के कार्यालय के सामने भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसके बाद, टीएमसी समर्थकों द्वारा रात भर विरोध प्रदर्शन किया गया।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और सीईओ कार्यालय पर कथित तौर पर पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में अन्य राज्यों के मतदाताओं को शामिल करने के लिए भाजपा के साथ मिलीभगत करने का आरोप लगाया है। हालांकि, इस दावे को आयोग के अधिकारी पहले ही खारिज कर चुके हैं।
सीईओ कार्यालय ने आज बुधवार सुबह जारी अपने बयान में तृणमूल कांग्रेस को गुंडागर्दी के लिए जिम्मेदार ठहराया है और देर रात तक जारी विरोध की निंदा करते हुए कानूनी परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।
आयोग के अनुसार बेलेघाटा के एक पार्षद ने कुछ गुंडों के साथ कार्यालय का घेराव किया। सीईओ के कार्यालय के सामने निषेधाज्ञा लागू होने के बाद भी आधी रात को नारेबाजी की।
अधिकारियों ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाइयों से आगामी दो चरणो में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी रुकेगी नहीं। कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल के सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल ने कार्यालय परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की है।
































