भारत का झंडा लगा बड़ा गैस जहाज “ग्रीन सैनवी” शुक्रवार रात हॉर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर गया। इस जहाज में करीब 46,650 मीट्रिक टन एलपीजी (रसोई गैस) है।
इसके पहले 28 मार्च को भी लगभग 47,000 मीट्रिक टन एलपीजी गुजरात के जामनगर स्थित वाडीनार टर्मिनल (डीपीए कांडला) पहुंची थी। यह गैस ‘एमटी जग वसंत’ नामक जहाज से लाई गई थी, जिसे बाद में दूसरे जहाज में ट्रांसफर किया जाना है।
गौरतलब है कि अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया। इसके बाद, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया, जिसके कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही प्रभावित है और इसका असर वैश्विक तेल-गैस आपूर्ति पर पड़ा रहा है।
सरकारी जानकारी के मुताबिक, फारस की खाड़ी में इस समय भारत के 18 जहाज और करीब 485 नाविक मौजूद हैं, जिनकी लगातार निगरानी की जा रही है। अब तक 964 से ज्यादा नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।
भारतीय सेना ने भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए युद्धपोत तैयार रखे हैं। सरकार ने ईरान से भी बातचीत की है, ताकि भारतीय जहाजों को इस रास्ते से सुरक्षित गुजरने की अनुमति मिल सके। सरकार ने बताया कि देश के सभी बंदरगाह सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और संबंधित मंत्रालय व विदेश में स्थित भारतीय दूतावासों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है।


























