रांची: रिम्स की जमीन को अवैध तरीके से बेचने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में गिरफ्तार किए गए 4 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया. इनमें राजकिशोर बड़ाईक, कार्तिक बड़ाईक, राजेश कुमार झा और चेतन कुमार शामिल है। कोर्ट ने चारों आरोपियों को जेल भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने गलत वंशावली तैयार कर व्यक्तिगत लाभ के उद्देश्य से रिम्स की अधिग्रहित भूमि की धोखाधड़ी कर खरीद-बिक्री की। जांच के दौरान, दस्तावेजों में हेरफेर और अवैध लेन-देन से जुड़े साक्ष्य मिलने के बाद, कार्रवाई की गई।
बता दें कि, हाईकोर्ट के आदेश पर एसीबी ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। वर्ष 1964-65 में अधिग्रहित की गयी सात एकड़ से अधिक जमीन पर अवैध तरीके अपार्टमेंट और भवन बनाए गए थे। अधिकारियों, बिल्डरों और भू माफियाओं की भूमिका की जांच का निर्देश हाईकोर्ट ने दिया था। कोर्ट ने राजस्व विभाग, रांची नगर निगम, निबंधन कार्यालय और RRDA के अधिकारियों की मिलीभगत की जांच के लिए एसीबी को प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए थे।
दरअसल, रिम्स की सात एकड़ से अधिक अधिग्रहित जमीन पर अवैध कब्जा कर मल्टी स्टोरी बिल्डिंग, दुकानें और पार्क बनाई गई थी। कई फ्लैट बेच भी दिए गये थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद इन अवैध बिल्डिंगों को तोड़ दिया गया था। हाईकोर्ट ने रिम्स से संबंधित जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले की जांच एसीबी को करने का आदेश दिया था।
यहां बता दें कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 318/336/338/340/61/49 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13 (2) सहपठित 13(1) (d) एवं 12 और संशोधित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 13(2) R/W 13(1)(a) एवं 12 के तहत चारों आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है।
































