झारखंड: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत राज्य के ओपन जेल में सुविधा उपलब्ध कराने एवं इसकी मॉनिटरिंग करने को लेकर कोर्ट के स्वतः संज्ञान की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई। मामले में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने राज्य सरकार को गृह सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्य कमेटी बनाने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार को अगली सुनवाई में कमेटी गठन के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। 11 जून को अगली सुनवाई होगी। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता पीयूष चित्रेश ने पक्ष रखा। खंडपीठ ने कहा कि गृह सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाए। इसमें आईजी प्रिजन और संबंधित ओपन जेल के जेल सुपरिटेंडेंट को शामिल किया जाए।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी राज्यों को ओपन जेल की मॉनिटरिंग करने के लिए गृह विभाग को एक कमेटी बनाने को कहा है। कमेटी ओपन जेल की मॉनिटरिंग करे और वहां सुविधाओं जिसमें जिम, चिकित्सा सुविधा, भोजन आदि सुविधा को बेहतर करने सहित कैदियों को मुख्य धारा से जोड़ने पर काम करे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया है।
































