रांची: फर्जी दस्तावेज तैयार कर रिम्स की जमीन की खरीद- बिक्री के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के रडार पर 16 सरकारी अधिकारी-कर्मचारी हैं। सरकार के अनुमति मिलने के बाद सभी की गिरफ्तारी की जायेगी। दो दिन पहले एसीबी ने चार आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गलत वंशावली तैयार कर कथित जमीन मालिक ने रिम्स की जमीन का कनवर्जन कराया और उसे करीब 31 लाख रुपये में एक बिल्डर को बेच दिया। बाद में, उसी जमीन पर अपार्टमेंट का निर्माण हुआ, जिसमें कुछ फ्लैट कथित जमीन मालिक के हिस्से में आयी।
उल्लेखनीय है कि झारखंड हाई कोर्ट के आदेश पर एसीबी ने 5 जनवरी को इससे संबंधित प्राथमिकी दर्ज की थी। प्राथमिकी में रिम्स प्रबंधन के साथ कई अज्ञात पदाधिकारी और कर्मियों को भी आरोपी बनाया गया है। इससे पहले अदालत के आदेश पर रिम्स की जमीन पर से अतिक्रमण हटाया गया था।
जांच के दायरे में राजस्व कार्यालय रांची, रांची नगर निगम, निबंधन कार्यालय, रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) और रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (आरआरडीए) के अधिकारी-कर्मियों की भूमिका को रखा गया है।





























