स्वर्ण मंदिर एक बार फिर से अंधेरे में डूब गया है। 54 साल बाद यह स्थिति फिर से उत्पन्न हुई है, जब स्वर्ण मंदिर परिसर की लाइटें सुरक्षा कारणों से बंद कर दी गई हैं।
*इतिहास में दो बार हुई थी ऐसी घटना:*
ऐसी स्थिति इससे पहले दो बार हुई थी – 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान। उस समय भी सुरक्षा कारणों से स्वर्ण मंदिर परिसर की लाइटें बंद कर दी गई थीं।
*सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला:*
इस बार भी सुरक्षा कारणों से यह फैसला लिया गया है। स्वर्ण मंदिर की सुरक्षा को देखते हुए लाइटें बंद करने का निर्णय लिया गया है।
*स्वर्ण मंदिर की सुरक्षा:*
स्वर्ण मंदिर की सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी जाती है। इस बार भी सुरक्षा कारणों को देखते हुए लाइटें बंद की गई हैं।
*श्रद्धालुओं को परेशानी:*
स्वर्ण मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को इस वजह से परेशानी हो सकती है। लेकिन सुरक्षा कारणों से यह फैसला लिया गया है।
अब देखना यह है कि स्वर्ण मंदिर की लाइटें कब तक बंद रहेंगी। यह सुरक्षा स्थिति पर निर्भर करेगा।



























