केंद्र सरकार के निर्णय के आलोक में एक अक्टूबर से कई महत्वपूर्ण बदलाव होने वाले हैं। इसको देखते हुए आपको सर्तक रहते हुए अपने कार्यों को पूरा करना है। एक अक्टूबर से होने वाले बदलाव पर ध्यान दें तो कुछ खास बॉन्ड्स के ब्याज पर 10 प्रतिशत टीडीएस देना होगेा। इसमें फ्लोटिंग रेट के बॉन्ड्स भी शामिल हैं। केंद्र सरकार की ओर से बजट में प्राविधान किया गया था। इसके तहत फ्यूचर्स एंड आप्शंस (एफएंडओ) की खरीद-बिक्री पर सिक्यूरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) दर भी बढ़ जाएगाी। इसके तहत अब 0.1 प्रतिशत से बढ़कर 0.02 प्रतिशत हो गया।
इसके अतिरिक्त, केंद्र व राज्य सरकार की ओर से जारी होने वाले खास बॉन्ड्स के ब्याज पर 10 प्रतिशत टीडीएस लागू होगा। इसमें कुछ फ्लोटिंग रेट के बॉन्ड्स भी शामिल है। अब तक यह टीडीएस के दायरे से बाहर था।
LPG सिलेंडर के दाम: अक्टूबर की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव करती हैं। इस बीच 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में पहले कई बदलाव देखे गए थे, लेकिन घरेलू सिलेंडर की कीमतों में ज्यादा परिवर्तन नहीं हुआ है। ऐसे में इस साल एक बार फिर से घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कमी बताई जा रही है।
ATF और CNG-PNG रेट: 1 अक्टूबर को LPG के साथ ही एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) और CNG-PNG की कीमतों में भी बदलाव हो सकता है। सितंबर में एटीएफ की कीमतों में गिरावट आई थी, और इसी तरह अक्टूबर में भी नई कीमतें जारी की जाएंगी।
HDFC बैंक क्रेडिट कार्ड नियम: अगर आप HDFC बैंक के ग्राहक हैं, तो जान लें कि 1 अक्टूबर से कुछ क्रेडिट कार्ड्स के लॉयल्टी प्रोग्राम में बदलाव किया जा रहा है। स्मार्टबाय प्लेटफॉर्म पर ऐपल प्रोडक्ट्स के लिए रिवार्ड पॉइंट्स के रिडेम्पशन को एक उत्पाद प्रति कैलेंडर तिमाही तक सीमित कर दिया गया है।
सुकन्या समृद्धि योजना के नियम: अगले माह अक्टूबर से सुकन्या समृद्धि योजना में एक नया नियम लागू हो रहा है। अब बेटियों का SSY अकाउंट केवल कानूनी अभिभावक ही संचालित कर सकते हैं। यदि किसी का अकाउंट कानूनी अभिभावक द्वारा नहीं खोला गया है, तो उसे यह अकाउंट नेचुरल पेरेंट्स या कानूनी अभिभावक को ट्रांसफर करना होगा, वरना अकाउंट बंद किया जा सकता है।
PPF खाते से जुड़े नियम: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) से जुड़े तीन नए नियम भी 1 अक्टूबर से लागू होंगे। इनमें मुख्य रूप से एक से अधिक अकाउंट रखने वालों पर कार्रवाई और अनियमित खातों पर ब्याज का भुगतान शामिल है। यदि किसी नाबालिग का खाता है, तो 18 साल की उम्र के बाद ही पीपीएफ ब्याज दर का भुगतान किया जाएगा और मैच्योरिटी की गणना भी उसी दिन से की जाएगी।






























