हटिया प्रोजेक्ट वर्कस यूनियन (एचईसी) के महामंत्री और इंटक के राष्ट्रीय संगठन सचिव सम्मानीय लीलाधर सिंह के द्वारा हम होटल रांची अशोक के कर्मचारियों से व्यक्तिगत तौर पर आग्रह किया गया कि धर्म परिवर्तन के रास्ते पर ना जाएं। हम उनकी भावना और और स्नेह के शुक्रगुजार हैं लेकिन हमारे पास और कोई विकल्प नहीं बचा है। आज चारों तरफ आठवें वेतनमान की चर्चा जोरों पर है लेकिन हमें पाचवें वेतनमान के अनुरूप वेतन दिया जा रहा है। झारखंड, बिहार सरकार में रिटायरमेंट की उम्र 60 साल है लेकिन हमें 58 साल में रिटायर किया जा रहा है। हमें लगभग तीन बर्षों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। होटल को विनिवेश के नाम पर बंद कर सात-आठ बर्षों से बंद कर हमें प्रताड़ित किया जा रहा है.. आखिर हम कैसे जिंदा रहें लेकिन सम्मानीय लीलाधर सिंह जी हमसे वरिष्ठ हैं और अच्छे इंसान हैं इसलिए हम उनके सम्मान के लिए धर्म परिवर्तन के निर्णय को 15 दिनों के लिए आगे बढा रहे हैं।
हम होटल रांची अशोक के कर्मचारी अन्य संगठन के युनियन के साथ मिलकर महामोर्चा का गठन कर रहे हैं जिसमें एचईसी के समस्त यूनियन, शिक्षक संघ, मेकन, सीसीएल, नगर निगम, सेल के यूनियन को शामिल करने के लिए वार्तालाप चल रही है। अब किसी की समस्या सिर्फ उनकी समस्या नहीं होगी वल्कि हम सभी मिलकर एकजुट होकर अपनी मांगों के लिए संघर्ष करेंगे। यह एक अद्भुत प्रयोग होगा। सारे यूनियन जिन-जिन राजनितिक दल से संबंध रखते हैं वो अपने सिद्धांत पर चले लेकिन महामोर्चा में किसी दल का नहीं वल्कि दिल का प्रभाव होगा, आपसी प्रेम का प्रभाव होगा।अब समय की मांग है कि हम समस्त कर्मचारी एक होकर संधर्ष करें। शुरू में कुछ परेशानियां आएगी लेकिन सब का कल्याण होगा।




























