रांची के हिंदपीढ़ी में मंईयां सम्मान योजना की लाभुक महिलाओं से सत्यापन के नाम पर आंगनबाड़ी सेविकाएं पैसे वसूल रही हैं। ये मामला ‘प्रभात खबर आपके द्वार’ कार्यक्रम में सामने आया, जहां महिलाओं ने बताया कि सत्यापन के लिए उनसे 100 से 500 रुपये तक मांगे जा रहे हैं, जबकि यह प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क है। जिला उपायुक्त के सख्त निर्देश के बावजूद आंगनबाड़ी सेविकाएं पैसे वसूलने से बाज नहीं आ रही हैं।
महिलाओं ने बताया कि इलाके में बुनियादी सुविधाओं की कमी के साथ-साथ अब मंईयां सम्मान योजना का लाभ लेने के लिए भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि मंईयां सम्मान योजना के तहत पात्र महिलाओं को 7500 रुपये की राशि प्रदान की जा रही है, लेकिन योजना में फर्जीवाड़े के कारण सत्यापन प्रक्रिया शुरू की गई है। इस दौरान कई महिलाओं के नाम योजना से हटा दिए गए हैं और उन्हें राशि नहीं मिल पा रही है ।
इस बीच, झारखंड सरकार ने हाल ही में मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों को बड़ी राहत देते हुए बिना आधार लिंक के मार्च तक पैसे भेजने का निर्णय लिया है। इससे उन महिलाओं को लाभ मिलेगा जिनके खाते आधार से लिंक नहीं हैं। सरकार का उद्देश्य योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक पहुंचाना है ।
































