आईएमएफ ने पाकिस्तान पर कसा शिकंजा, अगली किस्त देने से पहले रखीं 11 सख्त शर्तें

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    अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान को 2.4 अरब डॉलर का फंड दिया है, लेकिन अब आईएमएफ ने अगली किस्त जारी करने से पहले पाकिस्तान सरकार के सामने 11 नई शर्तें रखी हैं। इन शर्तों को पूरा करने के बाद ही पाकिस्तान को अगली किस्त मिलेगी।

     

     

     

    *आईएमएफ की प्रमुख शर्तें*

     

    आईएमएफ ने पाकिस्तान सरकार से निम्नलिखित शर्तें पूरी करने को कहा है:

    – 17.6 ट्रिलियन रुपये का संघीय बजट संसद से पारित कराना

    – बिजली बिलों पर अतिरिक्त सरचार्ज लगाना

    – पुरानी कारों के आयात की सीमा 3 साल से बढ़ाकर 5 साल करना

    – स्पेशल टेक जोन और इंडस्ट्रियल पार्कों को दी जा रही रियायतों को खत्म करने की योजना बनाना

    – 1 जुलाई 2025 तक बिजली शुल्क में पुनर्निर्धारण की अधिसूचना

    – 2026 तक गैस टैरिफ में बदलाव

    – कैप्टिव पावर लेवी पर कानून लाना

    – डेब्ट सर्विस सरचार्ज पर ₹3.21 प्रति यूनिट की सीमा हटाना

     

     

     

    *बजट और रक्षा खर्च पर भी नजर*

     

    आईएमएफ ने पाकिस्तान से कहा है कि 2026 का बजट जून 2025 तक संसद से पारित कराया जाए और वह आईएमएफ के राजकोषीय लक्ष्यों के अनुरूप हो। पाकिस्तान ने रक्षा बजट में 18% की बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव रखा है, जो आईएमएफ की मंशा के विपरीत है।

     

     

     

    *पाकिस्तान के लिए क्यों जरूरी है ये पैकेज?*

     

    पाकिस्तान इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार घट रहा है, महंगाई रिकॉर्ड स्तर पर है और विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगाया हुआ है। आईएमएफ से मिलने वाला नया ऋण पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को स्थिरता देने के लिए जरूरी माना जा रहा है। अब देखना अहम होगा कि पाकिस्तान सरकार इन शर्तों को मानती है या नहीं।

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